वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को अल्टीमेटम,दो सप्ताह में बनाये कड़े नियम

न्यूज़ डेस्क ( नैन्सी यादव): दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के मसले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है और इस ओर केंद्र सरकार (पंजाब, हरियाणा) का विशेष ध्यान होना चाहिए।
साथ ही साथ कोर्ट ने पंजाब व हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहां की यह सिर्फ कानून का उल्लंघन का मामला नहीं है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सभी नागरिकों को प्रदूषण मुक्त जीवन जीने के अधिकार का भी खुला उल्लंघन है।
प्रदूषण पर कम जुर्माना लगाने व इसके रोकथाम के लिए कोई उपाय न करने की वजह से मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। वहीं कोर्ट ने पराली चलाने के मुद्दे पर और प्रदूषण के रोकथाम के लिए नियुक्त अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई न करके सिर्फ नोटिस जारी करके जवाब मांगने पर भी नाराजगी जताई है।
कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा में पराली चलाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों राज्य में दंडात्मक कार्रवाई अधूरी है, क्योंकि पंजाब में 1098 आगजनी के मामले में केवल 483 को मुआवजा मिला है, जबकि हरियाणा में 498 मामलों में सिर्फ 93 व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है कि वह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कड़े नियम बनाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।


