डीडीयू में बहुजन पंचायत, जातीय उत्पीड़न मामले में 10 दिन का अल्टीमेटम

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU Gorakhpur University) में कथित जातीय उत्पीड़न की घटना को लेकर छात्रों और संगठनों ने कार्रवाई की मांग उठाई है। 22 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच, परिसर में भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने और विधि विभाग में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बहुजन पंचायत आयोजित की गई।
अम्बेडकरवादी छात्रसभा एवं असुर के आह्वान पर आयोजित इस पंचायत में छात्र नेताओं और समर्थकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। पंचायत के बाद राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम संबोधित ज्ञापन सदर तहसीलदार तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौंपा गया।
डीडीयू में कथित जातीय उत्पीड़न मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
बहुजन पंचायत में शामिल संगठनों ने 22 सितंबर को हुई कथित जातीय उत्पीड़न की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक छात्र को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए।

अमर सिंह पासवान, धीरेंद्र प्रताप, पवन कुमार, सतीश चन्द्र ‘सिंघम’ और डॉ. अन्नू प्रसाद ने इस दौरान अपनी मांगें रखीं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग
पंचायत में डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कार्रवाई के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए 10 दिन का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में अमन यादव, दिवाकर कुमार चौधरी, राकेश यादव, मंजेश असुर और सुधीराम रावत सहित बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी एवं समर्थक उपस्थित रहे।


