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Modi-Trump Talk : पीएम मोदी और ट्रंप की अहम बातचीत: ‘भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, ऑपरेशन सिंदूर जारी’

विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, जी7 सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप मुलाकात तय थी, लेकिन ट्रंप को अचानक अमेरिका लौटना पड़ा। इसके बाद उनके आग्रह पर फोन पर बातचीत हुई।

न्यूज डेस्क (प्रेम शंकर पांडेय)। दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रविवार को फोन पर 35 मिनट तक अहम बातचीत की। ये चर्चा ऐसे समय में हुई, जब जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम मोदी क्रोएशिया रवाना हो रहे थे। इस वार्ता में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत-पाक संबंधों को लेकर कई स्पष्ट संदेश दिए गए।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, जी7 सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप मुलाकात तय थी, लेकिन ट्रंप को अचानक अमेरिका लौटना पड़ा। इसके बाद उनके आग्रह पर फोन पर बातचीत हुई। इससे पहले 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी ट्रंप ने पीएम मोदी से बात की थी।

ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंक के खिलाफ भारत की रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान अब भी जारी है और भारत अब आतंकवाद को ‘प्रॉक्सी वॉर’ नहीं, सीधे युद्ध मानता है।

मध्यस्थता और ट्रेड डील पर भारत का रुख

पीएम मोदी ने दो-टूक कहा, “भारत ने न कभी किसी मध्यस्थता को स्वीकार किया है, न ही करेगा। भारत-पाक युद्धविराम सिर्फ आपसी बातचीत और सैन्य चैनल्स के माध्यम से हुआ। इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं रही।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर इस दौरान कोई बातचीत नहीं हुई। इस बयान के जरिए भारत ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

ट्रंप को क्वाड बैठक के लिए आमंत्रण

पीएम मोदी ने अमेरिका में रुकने के ट्रंप के प्रस्ताव को पहले से तय कार्यक्रम के चलते अस्वीकार किया, लेकिन निकट भविष्य में मुलाकात की इच्छा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने क्वाड (QUAD) की अगली बैठक के लिए ट्रंप को भारत आमंत्रित किया।

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_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

PREM SHANKAR PANDEY

प्रेमशंकर पांडेय काे पत्रकारिता में 8 वर्षों का अनुभव है। इन्हें सभी क्षेत्र की खबरें लिखने का तरीका मालूम है।

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