डीडीयू: पत्रकारिता के छात्रों ने नेट परीक्षा में गाड़े सफलता के झंडे, जल्द शुरू होगा पीएचडी पाठ्यक्रम
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। यूजीसी-नेट दिसंबर 2025 की परीक्षा में विभाग के सात छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का परिचय देते हुए सफलता प्राप्त की है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को देखते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने वर्तमान सत्र से ही पत्रकारिता में पीएचडी कार्यक्रम प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।
सफलता के शिखर पर विद्यार्थी
हाल ही में घोषित यूजीसी-नेट परिणामों में पत्रकारिता पाठ्यक्रम के बृजेश दूबे, शिवम त्रिपाठी और वंदना त्रिपाठी ने नेट (NET) परीक्षा उत्तीर्ण की है। वहीं अनुराग मिश्र, चंदन शर्मा, प्रगति गुप्ता एवं अलका राय ने पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता हासिल कर विभाग को गौरवान्वित किया है।

कुलपति ने दी बधाई, खुलेगा शोध का मार्ग
सफल विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी के नेतृत्व में कुलपति प्रो. पूनम टंडन से शिष्टाचार भेंट की। कुलपति ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने विभाग की मांग पर मुहर लगाते हुए इसी सत्र से शोध (Ph.D.) की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही, जिससे क्षेत्र के पत्रकारिता छात्रों के लिए उच्च स्तरीय अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे।
विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी और समन्वयक प्रो. राजेश मल्ल ने इस सफलता को ‘सामूहिक प्रयास का प्रतिफल’ बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन और छात्रों के कठिन परिश्रम ने आज विभाग को इस मुकाम पर पहुँचाया है।
इस अवसर पर डॉ. रजनीश कुमार चतुर्वेदी, डॉ. अन्वेषण सिंह, डॉ. नरगिस बानो और अभय शुक्ल उपस्थित रहे।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'