बड़हलगंज (गोरखपुर): उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि मुक्तिपथ अब केवल अपने प्रियजनों से विछोह का स्थल ही नहीं रहा, बल्कि यह अशांत मन को शांति और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला पवित्र स्थान बन चुका है।
मुक्तिपथ की परिकल्पना और महत्व
मंत्री ने बताया कि चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा मुक्तिपथ की परिकल्पना को साकार करना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि यह स्थल क्षेत्र के लोगों के लिए एक धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बन चुका है।
स्वतंत्रता दिवस पर मुक्तिपथ का अवलोकन
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जलशक्ति मंत्री ने बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ और सरयू तट का अनौपचारिक निरीक्षण किया। उन्होंने मुक्तिपथ परिसर में यात्री विश्रामालय और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण में सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके लिए उन्होंने नगर पंचायत और मुक्तिपथ समिति से प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
पौधरोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के दौरान स्वतंत्रदेव सिंह ने मुक्तिपथ परिसर में लीची का पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
स्वागत एवं उपस्थिति
मुक्तिपथ पहुँचने पर विधायक एवं मुक्तिपथ के संस्थापक अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने मंत्री का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
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अमित कुमार जायसवाल (एसडीएम गोला)
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रामसमुख (ईओ बड़हलगंज)
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आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी (विधायक प्रतिनिधि)
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श्रीकांत सोनी (व्यापार मंडल अध्यक्ष)
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महेश उमर (मुक्तिपथ समिति)
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ठाकुर अष्टभुजा सिंह, संतोष जायसवाल, दुर्गेश मिश्र, दीपक शर्मा, सूरज सोनकर, संजय सोनकर, अवनीश राय, उमेश यादव, हिमांशू गौड़, विकास गौड़, विपुल निषाद, सत्यप्रकाश पाल, कन्हैया मोदनवाल, प्रवीन मोदनवाल, सुनील उर्फ बबलू मद्धेशिया सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता।
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मुक्तिपथ अब केवल एक स्मृति स्थल नहीं बल्कि शांति, अध्यात्म और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन चुका है। सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से यह स्थान आने वाले समय में गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों का आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।

