डिबनी बाजार, कुशीनगर: रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक डोल मेले की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रशासन ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया और शांति समिति के साथ बैठक कर मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सहयोग की अपील की।
यह प्रसिद्ध डोल मेला शनिवार की रात्रि और रविवार को दिन में आयोजित होगा, जिसमें पुरैना, कटेया और रगरगंज बाजार के तीनों गांवों से डोल उठाए जाएंगे। मेले में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ ऑर्केस्ट्रा का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे लोगों का भरपूर मनोरंजन होगा।
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मौके पर उपजिलाधिकारी तमकुही आकांक्षा मिश्रा, क्षेत्राधिकारी तमकुही राकेश प्रताप सिंह, थाना प्रभारी पटहेरवा विनय कुमार मिश्रा और रकबा चौकी इंचार्ज ने पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
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प्रशासन ने तीनों अखाड़ों के अध्यक्षों विक्की सिंह राणा, अजय कुमार सिंह और मंटू गोंड के साथ-साथ रगरगंज बाजार के प्रमुख व्यवसायियों और मेले की आयोजन समिति से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित किया। बैठक में श्रवण गोंड, सीताराम गोंड, विनोद गोंड, अमितेश पाठक, रवि गोंड, जेठू पटेल, विवेक गोंड, राम दयाल आर्य, अर्जुन यादव, दिलीप बैठा, आस मोहम्मद सिद्दीकी, बलचंद गोंड, बलिराम सिंह, उमेश डॉक्टर और इस्लाम मियां समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मेले को सफल बनाने के लिए पड़ोसी गांवों के ग्राम प्रधानों से भी सहयोग मांगा गया। इस अवसर पर केदार कुशवाहा, शारदा गोंड, छबिला प्रसाद, राजू शर्मा, अनुज शर्मा, हरीलाल गोंड, अवनिंद्र पांडेय, विक्की पांडेय, कमलेश गोंड, नाथू गोंड समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
डोल मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का अवसर भी है। प्रशासन और जनता के समन्वय से यह मेला एक बार फिर शानदार और शांतिपूर्ण रूप से आयोजित होने की उम्मीद है।

