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गोरखपुर: निर्दोष युवक का नाम FIR में, पीड़िता की मां ने SSP से लगाई न्याय की गुहार गलतफहमी में दर्ज हुआ नाम, दवा की दुकान पर था काम पर मौजूद युवक

फर्जी डॉक्टर

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गोरखपुर, सहजनवा। डोहरिया कला गांव में दर्ज एक अपहरण केस में निर्दोष युवक का नाम एफआईआर (FIR) में शामिल किए जाने का मामला सामने आया है। इस गलती के चलते अब पीड़िता की मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर से न्याय की मांग की है और युवक का नाम हटाने की अपील की है।

पीड़िता की मां ने बताई “मानवीय गलती”

पीड़िता की मां किरण देवी ने बताया कि 6 अगस्त 2025 को उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। इस घटना से वे मानसिक रूप से बेहद आहत थीं। उन्होंने एफआईआर में मुख्य आरोपी सुजीत पुत्र श्रीदयाल का नाम दर्ज कराया, लेकिन घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति की बातों में आकर वीरू पुत्र बेचन प्रसाद का नाम भी शामिल करवा दिया।

जांच में सामने आई सच्चाई

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीरू घटना के समय सहजनवा बाजार स्थित एक मेडिकल स्टोर पर काम कर रहा था और वहीं मौजूद था। मेडिकल स्टोर मालिक सहित बाजार के कई दुकानदारों ने भी इसकी पुष्टि की है कि वीरू उस वक्त दुकान पर ही था।


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“नहीं है फंसाने की मंशा”: पीड़िता की मां

किरण देवी ने SSP को लिखे पत्र में इसे “मानवीय भूल और पहचान की त्रुटि” बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष को झूठे केस में फंसाना नहीं था। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि निष्पक्ष जांच कराई जाए और वीरू का नाम एफआईआर से हटाया जाए, ताकि वह झूठे आरोपों और सामाजिक कलंक से बच सके।

पुलिस का बयान: साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

इस मामले में SP नॉर्थ ने कहा कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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