कुशीनगर: जनपद कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के अतिसंवेदनशील मिश्रौली डोल मेला रविवार को पुलिस व प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहयोग से सकुशल संपन्न हुआ। मेले में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं के साथ निकली आकर्षक झांकियां और भक्ति गीतों पर थिरकते श्रद्धालु मुख्य आकर्षण बने।
मिश्रौली डोल मेला : प्रशासन की बड़ी चुनौती
मिश्रौली डोल मेला सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जाता है। इस बार भी सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। एक सप्ताह से अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती रही।
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डोल यात्रा में मंगलपुर पटेरहा, सनेरामल छपरा, बरकंटी, पकड़ियार, सोहरौना, विश्रामपट्टी, आधार छपरा, शिवाला टोला, दल बहादुर छपरा, कोइरी टोला, सिसवलिया, सहुआडीह, चंदरपुर सहित डेढ़ दर्जन गांवों से श्रद्धालु शामिल हुए।
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कलाकारों ने करतब दिखाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
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सुरक्षा व्यवस्था की कमान उपजिलाधिकारी ऋषभ पुण्डीर, सीओ अजय सिंह और कोतवाली प्रभारी हर्षवर्धन सिंह के हाथ में रही।
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मेले में पाँच कंपनी पीएसी, 250 पुलिस जवान, महिला सिपाही, फायर सर्विस, एंबुलेंस और ट्रैफिक पुलिस तैनात रही।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों – शम्भू मिश्रा, पिन्टू मिश्रा, महेन्द्र दीक्षित, राघवेन्द्र दीक्षित – ने भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।
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बड़हरागंज डोल मेला : आपसी सौहार्द की मिसाल
मिश्रौली के बाद सोमवार को बड़हरागंज डोल मेला भी सकुशल संपन्न हुआ। यह मेला भी प्रशासन की निगरानी और दोनों समुदायों के आपसी सहयोग से शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भगवान श्रीकृष्ण की पालकी निकाली गई।
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पुलिस बल, महिला सिपाही और पुलिस मित्रों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
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बच्चों और महिलाओं ने झांकियों का आनंद लिया और मेले में खरीदारी भी की।
प्रशासन को मिली राहत
दोनों संवेदनशील क्षेत्रों – मिश्रौली और बड़हरागंज – में डोल मेले का सकुशल संपन्न होना प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी राहत साबित हुआ। आपसी सहयोग और सतर्कता ने इन मेलों को सौहार्द व श्रद्धा का प्रतीक बना दिया।

