Kushinagar News: नगर पंचायत मथौली के गठन के दो साल हो गए लेकिन सार्वजनिक स्थलों या किसी भी वार्डों में कहीं भी वाटर एटीएम नहीं लगाया गया है जबकि नगर में खरीददारी के नाम पर लाखों रुपए खर्च हो रहे है। वाटर एटीएम न लगने से बाजार आने जाने वाले राहगीरों व यात्रियों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। नगर के दुकानदारों ने बाजार सहित सभी स्टैंडों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है।
मथौली को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद आसपास एवं दूर दराज के लोगों का आने जाने का रुझान बढ़ने लगा है। भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप से लोगों को पीने का पानी बहुत जरूरी है वह नहीं मिल पाता है। मथौली में सरकारी अस्पताल, सहकारी समिति, पशु चिकित्सालय, पुलिस चौकी, दो महाविद्यालय, तीन इंटर कालेज, कृषि रक्षा इकाई केंद्र, 17 प्राथमिक विद्यालय सहित तमाम प्रतिष्ठान है। इसके अलावा नगर में तीन दिन बाजार भी लगती है। प्रतिदिन यहां लोगों का आना जाना रहता है। यात्री अपने गंतव्य स्थान पर जाने के लिए वाहनों का इंतजार करते हैं। कस्बा के दुकानदार अजीत, दिनेश कसौधन, अमित वर्मा, मनोज, बैजू गुप्ता, मोनू शर्मा, वरूण, प्रमोद, संजय जायसवाल, बबलू शर्मा, सुरेश आदि का कहना है कि पानी की व्यवस्था न होने से यात्रियों व बाहर से आने वाले लोगों को पानी के लिए लिए इधर उधर हैंडपंपों पर जाकर गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए परेशान होना पड़ता है। बता दें कि पिछले एक पखवाड़े से अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया जा रहा है। दोपहर में तपिश के असर से लोगों का बार-बार गला सूख रहा है। राहगीरों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए जरूरी है कि नगर में एक निश्चित दूरी पर वाटर एटीएम (प्याऊ) नगर पंचायत द्वारा लगाए जाएं।

