कुशीनगर (Kushinagar News): शनिवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ जनपद कुशीनगर के नेतृत्व में जनपद कुशीनगर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष मीरा दुबे ने कहा कि आंगनबाड़ियों का काम शासन के अनुसार चार घंटा का है! लेकिन हमें 18 घंटे तक काम करना पड़ता है।1975 से यह योजना चल रही है। 25 साल उपरांत भी मानदेय बहुत ही कम मिलता है जबकि काम का बोझ बहुत ज्यादा है। सरकार ने हमें कई प्रकार के ट्रेनिंग दिया है और हम काम कर रहे हैं।
सरकार हमें बताए कि हम कुशल श्रमिक हैं या अकुशल श्रमिक? आखिर हम हैं क्या? हमसे जिस प्रकार से टीकाकरण, बी एल लो; पोषण ट्रैक्टर का काम लिया जाता है। वह काम अध्यापक लेवल का है जिसे सरकार 60000 से लेकर 70000 तक वेतन देती है।
धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रजिया आगा ने कहा कि 2017 में हमने अपने हक की लड़ाई लड़ी थी। धरना करने पर इस सरकार ने गरीब निर्दोष महिलाओं का 3 माह का मानदेय काट लिया जो आज तक नहीं मिला। योगी जी का हंटर दिखाकर हमसे 36 प्रकार के काम लिए जाते हैं और मानदेय ऊंट के मुंह में जीरा।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन करते हुए एजुकेटर का पद आउटसोर्स से भर रही है !इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। धरना को संबोधित करते हुए हाटा के ब्लॉक अध्यक्ष शालिनी वरनवाल ने कहा कि हमसे blo/टीकाकरण एवं गांव में जितने भी काम लिए जाते हैं। एक तरफ हमें स्वयंसेवक कहा जाता है और 62 साल पर बिना पेंशन बिना ग्रेचुटी के रिटायर कर दिया जाता है।जबकि प्रधानमंत्री 75 साल तक सेवा दे सकते हैं। पुष्टाहार वितरण में काफी विवाद होता है। इसे सीधे खाते में भेजा जाए। सुपरवाइजर के 80% पर खाली है। इस पर आंगनबाड़ियों को प्रमोशन दिया जाय। 2019 में जो मोबाइल दिया गया था वह खराब हो गए हैं।उन्हें बदलकर आंगनबाड़ियों को नया मोबाइल दिया जाए।
धरना कार्यक्रम में जितेंद्र दीक्षित, रेनू राय, सुरेश मिश्रा, दुर्गा, साधना मिश्रा, नीतू सिंह, मनोरमा तिवारी, उषा शर्मा, संयोगिता, विनीता यादव, सरोज, उषा सिंह, अनुराधा श्रीवास्तव, प्रतिभा राय, सुमित्रा श्रीवास्तव, शकुंतला राय, सुमन चौबे, आइशा खातून, गुड्डी मिश्रा, ममता पांडे, भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

