News Desk (Kushinagar): सावन का महीना जहां हर वर्ष किसानों के लिए उम्मीदों की सौगात लेकर आता है, वहीं इस बार 2025 का सावन शुरू होने से पहले ही कुशीनगर जिले में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। क्षेत्र के किसान काफी परेशान और चिंतित हैं, क्योंकि लंबे समय से बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं और धान की फसल सूखने की कगार पर है।
किसानों ने जैसे-तैसे पानी भरकर धान की रोपाई तो कर दी, लेकिन अब खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। इससे धान के पौधों के सूखने और नष्ट होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इंद्रदेव की नाराजगी से किसान हताश हैं और उन्हें कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।
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हाटा ब्लॉक के किसान राम अग्रेश सिंह ने बताया, “अगर जल्द बारिश नहीं हुई, तो अब तक रोपे गए धान के पौधे पूरी तरह सूख जाएंगे।” कुछ किसानों ने डीजल इंजन से सिंचाई शुरू कर दी है, लेकिन डीजल के बढ़ते दाम उनकी कमर तोड़ रहे हैं।
महंगे डीजल ने बढ़ाई लागत, किसान मांग रहे राहत
किसानों का कहना है कि डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। कई किसान सिंचाई करने में असमर्थ हैं। जयप्रकाश पाठक, एक अन्य किसान ने कहा, “इस बार मौसम ने किसानों की चिंता दोगुनी कर दी है। फसलें सूख रही हैं और खेती दिन-प्रतिदिन घाटे का सौदा बनती जा रही है।”
किसानों ने सरकार से मांग की है कि डीजल की कीमतों में राहत दी जाए ताकि वे अपनी फसल को बचा सकें।

