कुशीनगर: जनपद कुशीनगर के सबसे बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुबेरस्थान में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सरकारी सीएचसी के बैंक खाते का संचालन एक प्राइवेट (निजी) व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार यह जिम्मेदारी अधिकृत एकाउंटेंट (बैम) की होती है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित बैम अक्सर ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं।
बिना किसी अधिकृत नियुक्ति के निजी व्यक्ति कर रहा वित्तीय लेन-देन
सूत्रों की मानें तो इस व्यक्ति के पास न कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र है और न ही उसे किसी प्रकार की वैध अनुमति मिली है। इसके बावजूद वह सभी वित्तीय कार्य—जैसे भुगतान पास करना, बिलों की स्वीकृति देना, खातों की देखरेख आदि—करता आ रहा है। यह न सिर्फ सरकारी नियमों की अवहेलना है, बल्कि एक प्रकार से वित्तीय अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार को खुला निमंत्रण भी है।
सीएमओ बोले: “जांच कर दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई”
जब इस विषय में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. बी.एम. राव से बात की गई तो उन्होंने चौंकते हुए कहा, “मामला अब मेरे संज्ञान में आया है। यह अत्यंत गंभीर विषय है। तत्काल प्रभाव से जांच बैठाई जाएगी। यदि कोई भी सरकारी या बाहरी व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”
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विभागीय सूत्र बोले: “गंभीर प्रशासनिक लापरवाही, खुला भ्रष्टाचार का द्वार”
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा सरकारी खाते का संचालन न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, गबन और वित्तीय घोटाले की स्थिति भी उत्पन्न कर सकता है। सरकारी संस्थानों में इस तरह की लापरवाहियां जनता के विश्वास को चोट पहुंचाती हैं।

