Jaat Reservation (सुधांशु सिंह): पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लेकर दिल्ली के जाट समुदाय को केंद्र सरकार की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग की है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर दिल्ली के जाट समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया है। अरविंद केजरीवाल ने वृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि दिल्ली में राजस्थान के जाटों को आरक्षण मिलता है लेकिन दिल्ली के ही जाटों को दिल्ली में आरक्षण नहीं मिलता है।
केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, ‘मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है। दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्र लिस्ट में शामिल नहीं किया।’
केजरीवाल ने कहा कि यह दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है और 10 साल से केंद्र सरकार लगातार धोखा दे रही है।
बता दे कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में जाट मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। यही नहीं भाजपा के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा नयी दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल को चुनौती दे रहे हैं। प्रवेश वर्मा जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और इस वर्ग में उनका प्रभाव माना जाता है।
जाट आरक्षण का दांव चलकर केजरीवाल ने जाट समुदाय को साधने की कोशिश के साथ प्रवेश वर्मा पर निशाना साधा है. प्रवेश वर्मा आम आदमी पार्टी सरकार और केजरीवाल के खिलाफ आक्रामक रहे हैं।
इस बार नयी दिल्ली सीट पर भी वे पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे हैं। बाहरी दिल्ली के तहत आने वाले विधानसभा सीट नरेला, बवाना, मुंडका, नजफगढ़, बिजवासन, नांगलोई, पालम, द्वारका, रिठाला में जाट मतदाता हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

