गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हीरक जयंती स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय को कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने ₹4310.29 लाख की लागत से बनने वाले महन्त दिग्विजयनाथ प्रेक्षागृह का शिलान्यास किया। इस आधुनिक प्रेक्षागृह में 1500 सीटों वाला ऑडिटोरियम, दो 200-सीटों वाले कॉन्फ्रेंस हॉल तथा 500 सीटों का एक्जीबिशन हॉल शामिल होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रेक्षागृह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शोध गतिविधियों को नया आयाम देगा। इस परियोजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
75 वर्षों की गौरवगाथा को मिलेगा भव्य प्रवेश द्वार और स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित हीरक जयंती द्वार का भी शिलान्यास किया, जो संस्थान की 75 वर्षों की यात्रा का प्रतीक होगा। इसके साथ ही हीरक जयंती स्टेडियम की शिलापट्टिका का अनावरण भी किया गया।
स्मृति सिक्का और विशेष डाक टिकट का विमोचन
हीरक जयंती समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति तांबे का सिक्का और विशेष डाक टिकट का भी विमोचन किया। यह सिक्का भारत सरकार के हैदराबाद स्थित चेरलापल्ली टकसाल में निर्मित किया गया है। सिक्के पर विश्वविद्यालय का नाम, ऋग्वेद का ध्येय वाक्य “प्रतार्यायः प्रतरं नवीयः”, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार की प्रतिकृति और वटवृक्ष की कलाकृति अंकित है। इसके पीछे की ओर हीरक जयंती का प्रतीक चिन्ह, विश्वविद्यालय का नाम और NAAC A++ का लोगो अंकित है।
डाक टिकट में विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और “75 वर्ष” का अंकन किया गया है। यह विशेष आवरण दीक्षा भवन परिसर में डाक विभाग के काउंटर से आमजन को उपलब्ध होगा।
डॉक्यूमेंट्री, थीम सॉन्ग और स्मारिका का लोकार्पण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की 75 वर्षों की यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और थीम सॉन्ग का लोकार्पण भी किया। इस डॉक्यूमेंट्री को विश्वविद्यालय के सूचना, प्रकाशन एवं जनसंपर्क केंद्र द्वारा तैयार किया गया है। थीम सॉन्ग में भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का समावेश है।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया, जिसका संपादन प्रो. कमलेश गुप्त ने किया है। इस स्मारिका में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध और सामाजिक गतिविधियों को समाहित किया गया है।
“संवाद” पत्रिका और शोध पुस्तकों का विमोचन
समारोह में “संवाद” नामक पत्रिका का विमोचन भी किया गया, जो छात्र कल्याण और प्रतिभा विकास से संबंधित गतिविधियों को दर्शाती है। इसके अलावा नाथ पंथ, बौद्ध परंपरा और सामाजिक न्याय पर आधारित पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में ‘स्मृति उपहार केंद्र’ का अवलोकन किया, जहां प्रतीक-चिह्न युक्त कॉफी मग, की-रिंग, डायरी, टी-कोस्टर आदि सामग्री उपलब्ध है। यह केंद्र छात्र कल्याण अधिष्ठान के संयोजन में संचालित किया गया है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा और इसे शैक्षणिक व सांस्कृतिक उन्नयन की नई दिशा मिलेगी।
