गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में पढ़ाई कर रहे एक अमेरिकी नागरिक सुधीर गुप्ता ने फर्जीवाड़ा करते हुए दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों में एक ही कोर्स—LLM (मास्टर ऑफ लॉ)—में एक साथ दाखिला ले रखा है। यह मामला अब विवादों में घिर गया है, और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी जांच कराने की बात कही है।
एक ही सत्र में दो यूनिवर्सिटी में LLM
सुधीर गुप्ता ने साल 2024 में पहले लखनऊ स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) में एलएलएम में दाखिला लिया और वहां पहले सेमेस्टर की परीक्षा भी दे दी। इसी दौरान उन्होंने गोरखपुर यूनिवर्सिटी (DDU) के लॉ डिपार्टमेंट में भी उसी वर्ष और सत्र में एलएलएम में दाखिला ले लिया। दोनों जगहों पर उनकी पढ़ाई फिलहाल जारी है।
दोनों यूनिवर्सिटी को नहीं लगी भनक
हैरानी की बात यह है कि ना तो SRMU और ना ही DDU को इस दोहरे एडमिशन की कोई जानकारी थी। जब इस मुद्दे पर सुधीर गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनके मोबाइल पर उनके भतीजे गौरव खन्ना ने जवाब दिया, “इससे क्या फर्क पड़ता है? यह सिर्फ पढ़ाई का शौक है।”
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VC ने दी कार्रवाई की चेतावनी
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, “फिलहाल मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि यह सही पाया गया तो जांच के बाद छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
UGC नियमों का उल्लंघन
DDU लॉ डिपार्टमेंट के प्रमुख प्रो. जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि यूजीसी (UGC) की गाइडलाइंस के अनुसार, एक छात्र एक साथ दो अलग-अलग कोर्स में दाखिला ले सकता है, लेकिन वह भी तब जब कोई रेगुलर कोर्स न हो। परंतु, एक ही सत्र में दो यूनिवर्सिटी से एक ही कोर्स करना पूरी तरह अवैध है।
फर्जी दस्तावेजों पर हुआ एडमिशन?
सुधीर गुप्ता ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते समय डाक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन नहीं कराया। उन्होंने तर्क दिया कि उनके सभी कानूनी दस्तावेज अमेरिका की इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) में जमा हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना उचित सत्यापन के उन्हें प्रवेश दे दिया, जो अब सवालों के घेरे में है।
कौन हैं सुधीर गुप्ता?
सुधीर गुप्ता मूल रूप से भारत के गोरखपुर जिले के रामनगर कॉलोनी, मोहद्दीपुर के निवासी हैं, लेकिन वे अमेरिका के नागरिक हैं और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के तहत भारत में रह रहे हैं। वे “सुधीर टैक्स सर्विसेज” नाम की फर्म चलाते हैं, जो अमेरिका के जर्सी सिटी में पंजीकृत है लेकिन संचालन गोरखपुर से होता है। वे खुद को अमेरिकी टैक्स एजेंसी IRS का अधिकारी बताते हैं, हालांकि वे पिछले 6 वर्षों से अमेरिका नहीं गए हैं।
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पत्नी से विवाद के बाद भारत में बस गए
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में पत्नी से विवाद के चलते सुधीर गुप्ता अब पूरी तरह से गोरखपुर में बस चुके हैं। वे यहीं से अमेरिकी नागरिकों के टैक्स से संबंधित सलाह और फाइलिंग का काम टेली-कॉलिंग के जरिए करते हैं।
एक ही सत्र में दो अलग-अलग यूनिवर्सिटी से एक ही कोर्स करना न केवल यूजीसी के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, और यदि आरोप सही पाए गए तो सुधीर गुप्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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