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गोरखपुर: फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध, किसानों को मिला जैविक खेती का संदेश

फसल अवशेष जलाना,

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गोला, गोरखपुर: गोला विकास खंड के ग्राम नवली स्थित प्राथमिक विद्यालय में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन कृषक गोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

फसल अवशेष जलाना अपराध घोषित

गोष्ठी में पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी राम अधार यादव ने किसानों को बताया कि खेतों में फसल कटाई के बाद अवशेष (Parali) जलाना पर्यावरण के लिए घातक है और सरकार ने इसे दंडनीय अपराध घोषित किया है।

अवशेष जलाने की जगह खाद बनाने पर जोर

राम अधार यादव ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेष को जलाने की बजाय खेत में पलटकर जैविक खाद तैयार करें। इसके लिए—

कृषि विभाग किसानों को डी-कंपोजर निशुल्क उपलब्ध कराता है, जिससे अवशेष जल्दी सड़कर खाद में बदल जाता है।

अवशेष प्रबंधन से होने वाले फायदे

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सरकारी योजनाओं की जानकारी

गोष्ठी में सहायक विकास अधिकारी आलोक राय, शेषनाथ पाल, दीपांकर सरोज और पिंटू आर्या लालचंद ने किसानों को खरीफ फसलों की तकनीक, फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा, पशुपालन, बागवानी और सब्जी की खेती संबंधी योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और किसान

गोष्ठी की अध्यक्षता ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव ने की और संचालन विजेंद्र ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें घनश्याम पांडेय, संजय पांडेय, लाल बहादुर, गंगोत्री पांडेय, रागिनी राय, संध्या पांडेय, पूनम माता, फेर पांडेय, रविंद्र पांडेय, गौरव कुमार और इंद्रावती देवी शामिल थे।

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