कप्तानगंज,कुशीनगर: रामकोला विकासखंड के ग्रामसभा देवरियाबाबू में जर्जर सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थम नहीं रहा है। लगातार चौथे दिन भी ग्रामीण धरने पर बैठे रहे, लेकिन अब तक न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई सक्षम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा, जिससे जनता में भारी असंतोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क पर पिछले तीन वर्षों से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है। लोगों ने कई बार ग्राम प्रधान से लेकर विधायक तक गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
सरकारी दावों की खुल रही पोल
धरना स्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (जनकल्याण) के जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि,”योगी सरकार का पूरा तंत्र फेल हो चुका है। एक तरफ सरकार कहती है कि प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है, वहीं देवरियाबाबू जैसे गांव में लोग कीचड़ और गंदगी से जूझ रहे हैं। यह सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार फोरलेन, हाईवे और एक्सप्रेसवे बना रही है लेकिन गांवों की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है। “देश का असली विकास ग्रामीण भारत से शुरू होता है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
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शासन-प्रशासन को चेतावनी
जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने शासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने इसे जनहित में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
धरना स्थल पर जुटी भारी भीड़
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें काशीनाथ मिश्रा, राजकिशोर यादव, परदेसी बारी, परमहंस प्रसाद, मिशीर प्रसाद, बिकाऊ चौधरी, बेचन शर्मा, सीताराम कहार, विजय गुप्ता, रामलखन खटीक, शंकर माली, बिठल खटीक, शिवपूजन चौधरी, रामकिशून खटीक, बद्रीनाथ मिश्र समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

