कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद स्थित मधुरिया गांव में एक अनोखा और भावुक कर देने वाला आयोजन देखने को मिला। यहां की निवासी पशु प्रेमी श्रीमती विमला पाण्डेय, पत्नी श्री शिया शरण पाण्डेय, ने अपनी पालतू कुतिया ‘साहिबा’ के निधन पर तेरहवीं का ब्रह्मभोज आयोजित कर मानवता और करुणा की नई मिसाल पेश की।
15 वर्षों तक विमला जी की छांव में रही ‘साहिबा’ सिर्फ एक जानवर नहीं, परिवार का अभिन्न अंग बन चुकी थी। उसके जाने के बाद विमला पाण्डेय ने परंपरागत हिंदू विधि-विधान से तेरहवीं का आयोजन किया, जिसमें पूजन, ब्राह्मण भोज और सामूहिक प्रसाद वितरण किया गया।
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जानवरों और पक्षियों के लिए भी भोज
तेरहवीं के इस आयोजन की खास बात रही कि गांव के अन्य कुत्तों, गायों और पक्षियों के लिए भी भोजन व दाना-पानी की व्यवस्था की गई। विमला पाण्डेय ने कहा, “कुत्ता सिर्फ जानवर नहीं बल्कि भैरव महाराज का सेवक होता है, और उसके लिए किया गया भोज भगवान को समर्पण के समान होता है।”
ग्रामीणों में चर्चा, समाज में सराहना
इस आयोजन में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश सचिव सिया शरण पाण्डेय, शिवांशु पांडेय, महेंद्र लाल श्रीवास्तव, सुगंध गिरी, गैसा देवी, विनोद पांडेय, अमिताभ, सुभाष प्रसाद समेत दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इसे “करुणा और संवेदना की मिसाल” बताया।
‘साहिबा’ अब भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी यादें और उसके नाम की गूंज मधुरिया गांव में लंबे समय तक बनी रहेगी। विमला पाण्डेय का यह आयोजन मानव और पशु के रिश्ते की गहराई का अनूठा प्रमाण बन गया है।

