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Gorakhpur News: भोजपुरी कहानी लेखन कार्यशाला में कहानी लेखन के विभिन्न पहलुओं पर की गई चर्चा

Yayawari Workshop in dav pg

कार्यशाला में प्राचार्य डॉ. शैल पाण्डेय को सम्मानित करते यायावरी वाया भोजपुरी के परियोजना अधिकारी गौरव मणि त्रिपाठी

गोरखपुर। भोजपुरी भाषा (Bhojpuri Language) के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित संस्था यायावरी वाया भोजपुरी (Yayawari Via Bhojpuri) की ओर से शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज गोरखपुर में कहानी लेखन संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कहानी लेखन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शैल पाण्डेय, यायावरी वाया भोजपुरी के परियोजना अधिकारी गौरव मणि त्रिपाठी, इस कार्यशाला के विषय विषय विशेषज्ञ सुधीर मिश्र तथा डॉ. संजय पांडे ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पs माल्यार्पण तथा दीप  प्रज्वलन करके की। इस कार्यशाला का संचालन डॉ.संजय कुमार मिश्रा ने किया।

कार्यशाला की शुरुआत में कहानी लेखन की मूल बातों के बारे में बात करते हुए विषय विशेषज्ञ सुधीर मिश्र ने प्लॉट, पात्र, संवाद और भाषा शैली की महता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहानी लेखन के विभिन्न तरीकों के बारे में बताते हुए प्रथम पुरुष, तृतीय पुरुष और संवादात्मक शैली साथ के साथ ही इस बात पर बल दिया कि प्रतिभागियों को अपने जीवन के अनुभवों और आसपास की दुनिया से प्रेरणा लेना चाहिए। प्रतिभागियों ने  15 से 20 मिनट में कहानी लिखने का अभ्यास किया ।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शैल पाण्डेय ने भोजपुरी भाषा को सबसे मीठी भाषा बताया। उन्होंने यायावरी क्लब के इस अनूठे प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही बच्चों से अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने की अपील की।

इस कहानी लेखन कार्यशाला से प्रतिभागियों को कहानी लेखन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी और प्रशिक्षण मिला। इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को अपनी कहानी लेखन कौशल में सुधार करने और अपनी रचनात्मकता को बढ़ावा देने में मदद की। कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षक तथा छात्र-छात्रा, मिनी उपाध्याय, सोनू किशोर, अनुराग आदि उपस्थित रहे।

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