हाटा/कुशीनगर (Chandan Sharma): मंगलवार को फूटपाथ पर रहने वाली आवासहीन बासफोर कोईली देवी को मंडलायुक्त से मिलने से सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोक दिया गया। कोईली मंडलायुक्त अनिल ढींगरा से मिलकर अपनी आवासीय समस्या बताना चाहती थीं।
मंगलवार को हाटा तहसील परिसर के सभागार में 9 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान कोइली देवी मंडलायुक्त से मिलना चाह रही थीं।
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फुटपाथ पर तिरपाल में रहने को मजबूर
नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 15, मुजहना हेतिम की रहने वाली कोईली देवी देवी ने बताया कि उन्हें आराजी संख्या 88 पर आवासीय पट्टा तो मिला है, लेकिन भीषण गरीबी के चलते वह अपना घर नहीं बना पा रही हैं। बरसात के इन दिनों में वह अपने बच्चों के साथ फुटपाथ पर तिरपाल लगाकर जीवन यापन कर रही हैं। वर्तमान में वह परिवार सहित तहसील परिसर के बंदीगृह के बरामदे में शरण ले रही हैं।
सुरक्षा के नाम पर रोकी गईं, मंडलायुक्त से नहीं हो सकी मुलाकात
कोईली देवी मंडलायुक्त अनिल ढींगरा से सीधी मुलाकात कर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहती थीं, लेकिन महिला कांस्टेबलों द्वारा उन्हें रोका गया। उन्होंने शोर भी मचाया, लेकिन मंडलायुक्त समीक्षा बैठक समाप्त कर तुरंत रवाना हो गए।
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बाद में एडीएम वैभव मिश्रा ने कोईली देवी से उनका शिकायती पत्र प्राप्त किया और उसे संबंधित उपजिलाधिकारी को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया।
क्या मिलेगा कोईली देवी को उनका हक?
अब यह देखना होगा कि कोईली देवी को कब तक आवास निर्माण के लिए सहायता मिलती है या फिर उन्हें और दिनों तक बंदीगृह के बरामदे में रहना पड़ेगा। मामला प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की कसौटी पर है।

