अजित कुमार सिंह
नगसर। स्थानीय थाना क्षेत्र के सरहुला गाँव निवासी झांसी के नगर आयुक्त आईएएस सत्य प्रकाश शासन ने पहली बार ललितपुर जनपद के जिलाधिकारी के तौर पर उनकी तैनाती की है,उनकि यह तैनाती उनके ईमानदारी एवं स्वच्छ छवि को देखते हुए किया है।
अपने गाँव के लाल को ललितपुर का जिलाधिकारी बनाए जाने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उनमें खुशी की लहर दौड़ पडी,लोगों ने आईएएस सत्यप्रकाश को शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताया कि अपने इसी कर्तव्यों की बदौलत वह एक दिन प्रशासनिक क्षेत्र के उच्च शिखर सुशोभित करेगें।उनके चचेरे भाई भरत लाल ने भी खुशी जाहिर किया।2015-16 बैच के आईएएस अधिकारी एवं झांसी नगर निगम के आयुक्त सत्यप्रकाश ने बताया कि वह शासन के द्वारा दिए गये नई जिम्मेदारियों को ईमानदारी एवं पूरी निष्पक्षता के साथ निर्वहन करेगें,बताया कि वह शासन की हर योजनाओं को शासन की मंशा अनुरूप क्रियान्वयन करेगें,ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
मालूम हो कि शासन ने एक दिन पहले प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों का तबादला कर उन्हें न ई जिम्मेदारी दी,जिनमें गाजीपुर के सरहुलां निवासी आईएएस सत्यप्रकाश भी शामिल है, तैनाती मिली है।इसके पहले उनकी पहली तैनाती चित्रकुट में एसडीएम,जौनपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट,फत्तेहपुर सीडीओ के अलावा अन्य विभिन्न जगहों पर सेवाएं दे चुके हैं।वर्तमान में वह झांसी के नगर आयुक्त है।सरहुला गाँव के एक सामान्य एवं परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक रहे रामचंद्र के घर जन्म लिया,वह अपने तीन भाईयों में सबसे छोटे है,उनके बडे सबसे बडे भाई तेजनाराण अहिरौरा में डाक्टर एवं उनके माझिल भाई जयगरूदेव गाजियाबाद पॉलिटेक्निक कालेज में लेक्चरर हैं। जबकि खुद आईएएस की पत्नी कामिनी एनआईटी प्रयागराज से पीएचडी हैं।
पिता रामचंद्र प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद से रिटायर है,
सत्यप्रकाश की प्राथमिक एवं हाईस्कूल की शिक्षा दिलदारनगर के क्रिसेंट कानवेंट स्कूल से,जबकि इंटर गाजियाबाद के बाद बीटेक इलाहाबाद से किया। इसी बीच उनका चयन पावर ग्रिड में इंजिनियर के पद पर हो गया। वह प्रथम बार संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज परीक्षा में 2014 बैच में आईआरएस इनकम टैक्स में चयनित हुए मगर उन्होंने यूपीएससी के जरिए तैयारी जारी रखी।और 2015-16 में उनका चयन आईएएस में हो गया।सत्यप्रकाश को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार सम्मानित कर चुकी है।

