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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एसडीएम सेवराई ने किया निरीक्षण, 300 से अधिक कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया

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.…..सात राहत शिविर, दो राहत केंद्र, 15 बाढ़ चौकिया बनाया गया है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा बहुएं लेखपाल सफाई कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है….

 

सेवराई। गंगा सहित सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखकर सेवराई तहसील प्रशासन सतर्क हो गया है। स्वयं एसडीएम सेवराई संजय यादव के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने तहसील क्षेत्र के नसीरपुर हसनपुरा आदि क्षेत्र में बाढ़ का जायजा लिया। साथ ही राहत शिविर, राहत केंद्र बढ़ चौकी वह स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त रखने का मातहतों को निर्देश दिया।

गौरतलब हो कि इन दिनों गंगा सहित सहायक नदियों में बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता का कारण बन गया है। वही बाढ़ की अंदेशा को लेकर सम्बंधित लोग पशु चारा व खुद को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए अभी से ही जद्दोजहद में जुट गए हैं। वही बाढ़ को देखते हुए सेवराई तहसील प्रशासन भी पूरी तरह से तैयारी में जुट गया है।

एसडीएम संजय यादव ने बताया कि बाढ़ को दृष्टिगत रखते हुए सात राहत शिविर, दो राहत केंद्र, 15 बाढ़ चौकिया बनाया गया है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा बहुएं लेखपाल सफाई कर्मचारी सहित करीब 300 से अधिक कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

बाढ़ का पानी अभी आबादी से बहुत दूर है। नसीरपुर रेवतीपुर मार्ग पर एक जगह करीब 5-6 फीट चौड़ाई में पानी सड़क पर चढ़ गया है हालांकि इससे आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। गांव के लोगों को भी पशुओं पशु चारा व अन्य व्यवस्था को सुरक्षित रखने की अपील किया गया है। अगर जलस्तर में बढ़ाव होता है तो ही आबादी प्रभावित होगी।इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी त्रिवेणी राम,एडीओ पंचायत अशोक यादव के साथ राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।

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