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प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को जहां दुरुस्त करने में लगी है, वहीं स्वास्थ्य कर्मी ही स्वास्थ्य सुविधाओं को पलीता लगा रहे

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…..प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र देवल पर वैसे तो करीब छ: कर्मचारियों की तैनाती है लेकिन मौके पर महज एक चिकित्सक मौजूद रहे। अन्य कर्मियों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताने में असर्मथा जताई…

सेवराई। एक तरफ योगी सरकार जहां स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखने का दावा कर रही है वही स्वास्थ्य कर्मी ही संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को वेंटिलेटर पर रखने का कार्य कर रहे हैं। सेवराई तहसील क्षेत्र के देवल गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वैसे तो करीब छ: कर्मचारियों की तैनाती है लेकिन मौके पर महज चिकित्सक डॉक्टर अनुपम पल्लव मौजूद रहे। अन्य कर्मियों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताने में असर्मथा जताई वही उपस्थिति रजिस्टर में भी केवल डॉक्टर की ही हस्ताक्षर बनाए गए थे।

गौरतलब हो कि बिहार बॉर्डर के कर्मनाशा तट पर बसे देवल गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब आसपास के बीस हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। लेकिन मनमाने कर्मियों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चूना लगा रहे हैं यही नहीं सभी कर्मचारी वेतन भोगी होने के बावजूद भी ना ही स्वास्थ्य केंद्र पर उपस्थित होते हैं और ना ही इनके द्वारा कोई कार्य किया जाता संबंधित कर्मचारी उच्च अधिकारियों से मिलीभगत कर अपना वेतन उतार लेते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी पर तैनात चिकित्सा अनुपम पल्लव के द्वारा बीते 20-25 दिन से कार्यभार संभाला गया है जो नियमित तौर पर केंद्र पर जाकर मरीजों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। लेकिन अन्य कर्मचारी की तैनाती के बावजूद उनके उपस्थित न होने पर यहां बहुत सारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। पीएचसी पर शनिवार सुबह 11:00 बजे पहुंचने पर वार्ड बॉय राजेश कुमार, एएनएम अनिता कुमारी, स्टाफ नर्स गुड़िया कुमारी, हेल्थ सुपरवाइजर पूर्णमासी राम, फार्मासिस्ट विजय कुमार एवं डॉ. अनुपम पल्लव के नाम कर्मचारी पंजिका में दर्ज तो जरूर थे पर चिकित्सक अनुपम पल्लव को छोड़कर उपरोक्त सभी कर्मचारी अनुपस्थित रहे। कर्मचारियों के उदासीनता के चार कारण आस पास के आधा दर्जन गांव के करीब 20,000 की आबादी प्रभावित है।

इस संबंध में पूछे जाने पर सीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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