Site icon जनस्वराज हिंदी

तीन मौतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, सड़क पर आज तक खड़ी है ट्रॉली

IMG 20251220 WA0041

अजित कुमार सिंह

…नगसर क्षेत्र में कुहरा-धुंध के बीच फिर बड़े हादसे का खतरा…

नगसर ।स्थानीय थाना क्षेत्र के दिलदारनगर मार्ग पर सरहुला और गगरन गांव के बीच हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना भले ही अब पुरानी हो चुकी हो, लेकिन उस हादसे की वजह बनी खराब ट्रैक्टर-ट्रॉली आज तक सड़क से नहीं हटाई गई। यह स्थिति प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

गौरतलब है कि इसी मार्ग पर खड़ी ट्रॉली से बाइक की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद मामले ने तूल भी पकड़ा, लेकिन समय बीतने के साथ जिम्मेदार विभागों की संवेदनशीलता भी ठंडी पड़ती नजर आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो ट्रॉली हटाई गई और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए।

अब जबकि क्षेत्र में कुहरा और घनी धुंध का मौसम शुरू हो चुका है, इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की जान पर हर दिन खतरा मंडरा रहा है। रात के समय सड़क पर खड़ी ट्रॉली दूर से दिखाई नहीं देती, जिससे किसी भी वक्त फिर बड़ा हादसा हो सकता है।
हादसा हुआ, जान गई… लेकिन जिम्मेदार अब भी बेखबर
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यदि तीन मौतों के बाद भी प्रशासन और पीडब्ल्यूडी नहीं जागे, तो यह साफ दर्शाता है कि जनसुरक्षा को लेकर अधिकारियों की प्राथमिकता क्या है। लोगों का कहना है कि किसी और अनहोनी का इंतज़ार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से मांग की है कि
सड़क से तत्काल ट्रॉली हटाई जाए, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो, दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था की जाए

क्या मौत के बाद ही जागता है प्रशासन?
पीडब्ल्यूडी की जवाबदेही तय कब होगी?
अगला हादसा होने का इंतज़ार क्यों?

यह मामला केवल एक पुरानी दुर्घटना का नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की जीवंत मिसाल है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही फिर किसी निर्दोष की जान ले सकती है।

Exit mobile version