
अजित कुमार सिंह
रेवतीपुर/ नगसर। स्थानीय थाना क्षेत्र के उतरौली दलित बस्ती के समीप ताड़ीघाट-बारा हाईवे पर गुरुवार की देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो जिगरी दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक भदौरा में अपने एक दोस्त के यहां पार्टी में शामिल होने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान गाजीपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया।
मृतकों की पहचान नगसर हाल्ट थाना क्षेत्र के अंवती गांव निवासी सतीश उर्फ गोलू (23) और लालबहादुर उर्फ भोला (24) के रूप में हुई। दोनों गहरे दोस्त बताए जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक हादसे के समय बाइक लालबहादुर चला रहा था। भदौरा से लौटते समय उतरौली के समीप सामने से आ रहे ट्रेलर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
दोस्तों की मौत से आक्रोश, ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने ताड़ीघाट-बारा हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने मौके से भाग रहे ट्रेलर के खलासी को ट्रेलर समेत पकड़ लिया, जबकि चालक हादसे के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बीएससी एजी की पढ़ाई कर रहा था लालबहादुर, परिवार ने बेटे के लिए देखे थे बड़े सपने
लालबहादुर उर्फ भोला दो भाइयों में छोटा था और बीएससी एजी का छात्र था। उसके पिता रमेश कुशवाहा सेना से सेवानिवृत्त हैं। बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां ऊषा का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के भविष्य को लेकर परिवार ने तमाम सपने संजोए थे, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक लालबहादुर पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवारने में जुटा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि दोस्तों के साथ बिताई एक शाम उसके जीवन की आखिरी शाम साबित होगी।
पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत, अब सतीश की मौत से मां के सामने टूटा दुखों का पहाड़
दूसरे मृतक सतीश उर्फ गोलू के पिता कन्हैया की पहले ही मौत हो चुकी है। सतीश इंटर पास करने के बाद घर पर ही रहता था। वह तीन भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां शैल कुमारी सहित अन्य परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
एक ओर मां पहले ही पति को खो चुकी थी, वहीं अब जवान बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। घर में मातम का ऐसा माहौल है कि परिजनों की करुण चीखें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
एक साथ निकली दो दोस्तों की अर्थियां, गांव में पसरा सन्नाटा
दोनों युवक गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ रहते थे। गुरुवार की रात भी दोनों साथ ही निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसे की खबर अंवती गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। जिन गलियों में दोनों युवकों की हंसी-खुशी की आवाजें गूंजती थीं, वहां शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी अंकुश और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं।
चालक की तलाश में जुटी पुलिस
प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रेलर के खलासी को ट्रेलर समेत पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि चालक की तलाश की जा रही है। मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।

