.….खण्ड शिक्षा अधिकारी के इस कार्यवाही से गैर मान्यता प्राप्त चला रहे विद्यालयों के संचालकों में हड़कंप मची हुई है……
सेवराई। तहसील क्षेत्र के भदौरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी भदौरा सुरेंद्र सिंह पटेल ने अमान्य विद्यालयों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने तीन अमान्य विद्यालयों को नोटिस देकर बंद करवाया है और उनके प्रधानाध्यापक और प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए हैं।
अमान्य विद्यालयों को बंद करने के निर्देश और जुर्माने की चेतावनी
खंड शिक्षा अधिकारी ने इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक मान्यता आदेश प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक वे विद्यालय का संचालन नहीं कर सकते हैं। यदि वे नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें प्रथम बार 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, यदि वे बंद कराने के बाद भी विद्यालय का संचालन जारी रखते हैं, तो उन्हें प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से जुर्माना देना होगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में चल-अचल संपत्ति से वसूली के लिए विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
खंड शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अभिभावकों से संपर्क कर सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। बच्चों को भी बताया गया है कि ये अमान्य विद्यालय हैं और उन्हें अपने गांव के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराना चाहिए। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों से संपर्क कर सभी बच्चों का नामांकन करें, उनकी सूची बनाएं और उनकी नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करें।
बंद किए गए अमान्य विद्यालयों की सूची
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बंद कराए गए अमान्य विद्यालयों की सूची निम्नलिखित है।जे.के. मेमोरियल पब्लिक स्कूल पचौरी
निखिल इंटरनेशनल स्कूल गहमर
बुद्ध शिक्षा निकेतन गहमर।
भविष्य में और कार्रवाई की चेतावनी
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र के सभी गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसे विद्यालय जिन्होंने कम मान्यता ली है लेकिन मान्यता के विपरीत अधिक कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी भदौरा की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और अमान्य विद्यालयों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।

