सेवराई। तहसील क्षेत्र के रेवतीपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत अठहठा में कूड़ा प्रबंधन के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी सेंटर) अभी तक सक्रिय नहीं
तहसील के अधिकांश ग्राम पंचायतों में न तो कूड़े का उठान हो रहा है और न ही इसका उचित प्रबंधन किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, गांवों में गंदगी फैली हुई है जबकि आरआरसी सेंटर बंद पड़े हैं।
पंचायत राज विभाग द्वारा कूड़ा एकत्र करने के लिए ग्राम पंचायतों को डेढ़ लाख रुपये से अधिक की लागत वाली ई-रिक्शा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त, सफाई कर्मियों का वेतन भी अलग से दिया जाता है। फिर भी ग्राम पंचायतों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
रेवतीपुर ब्लॉक के अठहठा, विरउपुर और बसूका की ग्राम पंचायतों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। स्थिति से ऐसा प्रतीत होता है कि महीनों से कूड़े का उठान नहीं हुआ है। गांवों के प्रमुख स्थानों पर गंदगी का अंबार है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, कूड़ा एकत्र करने के लिए आया ई-रिक्शा पंचायत घर में ही खड़ा रहता है।अठहठा के ग्राम प्रधान अशोक कुमार यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में केवल दो सफाईकर्मी तैनात हैं। कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा चालक नहीं है और अपशिष्ट केंद्र के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं मिला है।
अठहठा में दो सफाई कर्मी होने के बावजूद गांव में कई जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। बायोमेट्रिक मशीन खराब होने का बहाना बनाकर सफाई कर्मचारी मनमाना रवैया अपना रहे हैं। बाढ़ के बढ़ते प्रकोप और बरसात के मौसम में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इस मामले में एडीओ पंचायत रेवतीपुर, शशि प्रकाश राय ने कहा कि शिकायत के आधार पर जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

