सेवराई। पंचायती राज विभाग द्वारा भदौरा विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर/एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) का निर्माण कराया गया है। एक आरआरसी सेंटर के निर्माण पर औसतन 9.50 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन अधिकांश केंद्र आज भी बंद पड़े हैं और ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गुरुवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में की गई पड़ताल में सामने आया कि करीब 80 प्रतिशत आरआरसी सेंटरों पर ताले लटक रहे हैं। कई स्थानों पर भवनों की स्थिति भी खराब हो चुकी है। कहीं फर्श धंस गई है, कहीं प्लास्टर उखड़ रहा है तो कहीं निर्माण के वर्षों बाद भी मुख्य गेट तक नहीं लगाया गया है। कुछ केंद्रों पर कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।
भदौरा विकासखंड के सेवराई, पथरा, खजूरी, उसिया, बक्सड़ा समेत कई ग्राम पंचायतों में आरआरसी का निर्माण कराया गया था। विभागीय अभिलेखों में सभी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश केंद्र निर्माण के बाद से ही बंद पड़े हैं और ग्राम पंचायतों की स्वच्छता व्यवस्था में इनकी कोई भूमिका नजर नहीं आ रही है।
तीन वर्ष बाद भी नहीं बदली स्थिति
गोड़सरा ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 2022-23 में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निर्माण कराया गया था। निर्माण के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्र बंद पड़ा हुआ है। इससे ग्राम पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
गेट लगाना ही भूल गए जिम्मेदार
पथरा ग्राम पंचायत में आरआरसी निर्माण के तहत चहारदीवारी और टिनशेड तो बना दिया गया, लेकिन मुख्य गेट ही नहीं लगाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार केंद्र का निर्माण निचले क्षेत्र में कर दिया गया, जिससे बरसात और बाढ़ के समय परिसर पानी से घिर जाता है। उपयोग न होने के कारण भवन की फर्श और प्लास्टर भी क्षतिग्रस्त होने लगे हैं तथा नीचे की गिट्टियां साफ दिखाई देने लगी हैं।
जांच कर संचालन के दिए जाएंगे निर्देश
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रमेशचंद उपाध्याय ने बताया कि जिन आरआरसी केंद्रों का संचालन नहीं हो रहा है, उनकी जांच कराकर उन्हें शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही जिन केंद्रों में निर्माण संबंधी कमियां हैं, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाएगा।
