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अवैध खनन से किसानों में आक्रोश, माइनर की मेड़ क्षतिग्रस्त होने से फसल डूबने का खतरा

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सेवराई। तहसील क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। एक ओर जहां सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अवैध खनन से किसानों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सेवराई तहसील अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर अवैध खनन की शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बक्सड़ा-मनिया माइनर के पास स्थित एक निजी महाविद्यालय के समीप खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीन से अवैध रूप से सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकालकर बेची गई है।

भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में विभाग के कुछ क्षेत्रीय कर्मचारियों तथा संबंधित जेई की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि मिट्टी खनन के दौरान माइनर की मेड़ को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे नहर में पानी आने पर आसपास के खेतों में पानी भरने और किसानों की फसल बर्बाद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मिट्टी निकालने के लिए करीब छह फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। किसानों और राहगीरों के गिरकर घायल होने अथवा डूबने का भी खतरा बना हुआ है।

भाकियू नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो किसान आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजेंद्र चौधरी ने बताया कि किसानों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए संबंधित जेई को मौके पर भेजा गया है। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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