Site icon जनस्वराज हिंदी

कुशीनगर का सीआरपीएफ जवान आईईडी ब्लास्ट में शहीद

IMG 20250614 WA0005

न्यूज़ डेस्क: झारखंड-ओडिशा सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट में कुशीनगर के सीआरपीएफ जवान सत्यवान कुमार सिंह शहीद हो गए।

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बलांग थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल में शनिवार सुबह करीब 5 बजे यह आईईडी विस्फोट हुआ। शहीद जवान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी थे और सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन में तैनात थे।

जानकारी के मुताबिक, झारखंड पुलिस, ओडिशा पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

इसी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया। घायल सत्यवान सिंह को तुरंत राउरकेला के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सुरक्षा बलों ने तेज की सर्चिंग

घटना के बाद पूरे सारंडा वन क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान और भी तेज कर दिया है। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी राकेश रंजन के अनुसार, नक्सलियों की साजिश की जांच की जा रही है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

लूटे गए विस्फोटक को खोजने का अभियान जारी

उल्लेखनीय है कि 27 मई को ओडिशा के के.बलांग थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने रेलाहातूबांको इलाके से करीब 5 टन विस्फोटक लूट लिया था। तभी से झारखंड और ओडिशा पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन जारी है। इस अभियान में पुलिस को कुछ सफलता भी मिली है और कई विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं।

शीर्ष नक्सली कमांडरों के खिलाफ विशेष ऑपरेशन

सुरक्षाबलों का ऑपरेशन भाकपा-माओवादी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ केंद्रित है। जिन प्रमुख नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, उनमें मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा प्रमुख हैं। ये सभी नक्सली अपने दस्तों के साथ सारंडा के जंगलों में सक्रिय हैं।

संयुक्त बलों का बड़ा ऑपरेशन

इस बड़े अभियान में चाईबासा पुलिस, कोबरा 203 और 209 बटालियन, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ की 26, 60, 134, 174, 193 और 197 बटालियन की टीमें लगातार संयुक्त कार्रवाई कर रही हैं। पूरे क्षेत्र में लगातार सघन छापेमारी की जा रही है ताकि नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

Exit mobile version