कुशीनगर: राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण हेतु छठवां चरण टीकाकरण अभियान जनपद कुशीनगर में 23 जुलाई 2025 से आरंभ हो गया है, जो 5 सितंबर 2025 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं को इस घातक विषाणुजनित संक्रामक रोग से सुरक्षित करना है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कलेक्ट्रेट परिसर से बहुद्देशीय पशु चिकित्सा सचल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर टीकाकरण टीम को रवाना किया। इस दौरान डीएम ने सभी पशुपालकों से अपने पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण कराए जाने की अपील की।
लक्ष्य और व्यवस्थाएं
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टीकाकरण अवधि: 23 जुलाई से 05 सितंबर 2025
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टीकाकरण लक्ष्य:
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गोवंशीय पशु: 1,65,224
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महिषवंशीय पशु: 1,70,194
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प्राप्त वैक्सीन डोज़: 3,01,900
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टीकाकरण से वंचित: 4 माह से छोटे एवं 8 माह से ऊपर गाभिन पशु
टीकाकरण से पहले ईयर टैग (कान में छल्ला) लगवाना अनिवार्य है। यह पहचान प्रणाली भारत पशुधन ऐप पोर्टल पर टीकाकरण रिकॉर्ड अपडेट करने में सहायक है। पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद ही संबंधित कर्मियों को मानदेय दिया जाएगा।
संक्रमण के लक्षण और खतरे
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग पशुओं के लिए अत्यंत घातक है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, मुंह से अत्यधिक लार गिरना, मुंह और पैरों में छाले पड़ना, भूख न लगना, दूध उत्पादन में भारी गिरावट, और गंभीर स्थिति में गर्भपात या पशु की मृत्यु तक हो सकती है। यह रोग विशेषकर विदेशी नस्ल की गायों को अधिक प्रभावित करता है।
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निगरानी अधिकारी
अभियान की निगरानी हेतु उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्याराम वर्मा को जनपदीय नोडल अधिकारी नामित किया गया है। संपर्क: 9450556594
पशुपालकों से अपील
पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे इस 45 दिवसीय अभियान के दौरान टीकाकरण टीम का सहयोग करें, अपने समस्त पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं और ईयर टैगिंग भी सुनिश्चित करें। गांव में टीकाकरण की तिथि जानने के लिए पशुपालक अपने ग्राम प्रधान या विकास खंड के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।
टीकाकरण ही खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का एकमात्र सुरक्षित उपाय है। यह केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित और राज्य सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है जो पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को सुरक्षित रखने हेतु अत्यंत आवश्यक है।

