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गोरखपुर: पीएसी ट्रेनिंग सेंटर में महिला सिपाहियों का फूटा आक्रोश: “मांगा पानी, मिली गालियां”

Gorakhpur

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न्यूज़ डेस्क(शशांक पाण्डेय):  गोरखपुर स्थित 26वीं पीएसी बटालियन ट्रेनिंग सेंटर में बुधवार को एक बड़ा हंगामा देखने को मिला, जब लगभग 600 महिला सिपाहियों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मांगा पानी, तो मिली गालियां”—यह बयान सोशल मीडिया और खबरों में तेजी से वायरल हो गया है। मामला इतना गंभीर हो गया कि एडीजी, एसएसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और छह घंटे से अधिक समय तक सिपाहियों को शांत करने की कोशिश करते रहे।


क्या है पूरा मामला?

महिला सिपाहियों का आरोप है कि ट्रेनिंग कैंपस में न तो पीने का साफ पानी मिल रहा है, न समय पर खाना, और न ही पर्याप्त स्वच्छता की व्यवस्था।


स्वास्थ्य बिगड़ने पर पांच भर्ती

इस गंभीर उपेक्षा के कारण कई महिला सिपाहियों की तबीयत बिगड़ गई।


कैमरे विवाद से बढ़ा बवाल

प्रशिक्षुओं ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि बाथरूम की गैलरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उनकी निजता भंग हो रही है।


PTI सस्पेंड, आदेश वापस

विवाद बढ़ने पर एक फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (PTI) को अशोभनीय भाषा के उपयोग पर निलंबित कर दिया गया

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राजनीतिक घमासान भी शुरू

घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंची, जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला


मुख्यमंत्री गोरखपुर में ही मौजूद

यह पूरी घटना तब हुई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ही थे और अगले दिन 252 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करने वाले थे।


आख़िर कब मिलेगा महिला सिपाहियों को सम्मान?

इस घटना ने उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।


सुधार की ज़रूरत, भरोसे की बहाली

यह घटना सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक व्यवस्था पर अविश्वास की चीख है। सरकार और पुलिस प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि

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